कारोबार

सरकारी प्रयासों से देश में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे: श्री गोयल
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण और कपड़ा मंत्री, श्री पीयूष गोयल ने कहा, उद्योग ने स्थानीय उत्पादों की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा किए गए कई प्रयासों को हाथों-हाथ लिया है, जिससे न केवल बड़े उद्योगों को बल्कि एमएसएमई को भी लाभ हुआ है। स्थानीय उत्पादों की लोकप्रियता बढ़ाने और निर्यात को आगे बढ़ाने पर संचालन समिति (स्केल) की आज यहां समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन प्रयासों से देश में अधिक से अधिक रोजगार सृजन हो रहा है। बैठक के दौरान श्री गोयल ने दुनिया भर में वैल्यू चेन में मौजूदा अवरोधों के बीच विनिर्माण के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादों की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए नवीन तरीकों की खोज करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इससे उभरती वैश्विक वैल्यू चेन में भारत की उपस्थिति बढ़ेगी।
 
प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में केंद्रीय बजट 2022 के सकारात्मक प्रभाव पर एक वेबिनार को संबोधित किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कृषि क्षेत्र में केंद्रीय बजट 2022 के सकारात्मक प्रभाव पर एक वेबिनार को संबोधित किया। उन्होंने उन तरीकों पर चर्चा की जिनसे बजट कृषि क्षेत्र को मजबूत करने में योगदान मिलेगा। वेबिनार 'स्मार्ट कृषि'- कार्यान्वयन के लिए रणनीतियों पर केंद्रित था। इस अवसर पर संबंधित केंद्रीय मंत्री, राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, उद्योग तथा शिक्षा जगत के प्रतिनिधि एवं विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से किसान उपस्थित थे।
 
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास हमारी सरकार की सभी नीतियों का प्रेरणा सूत्र रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, "आजादी का अमृत काल के लिए हमारे वादों को सभी के प्रयासों से ही पूरा किया जाएगा और हर कोई उस प्रयास को तभी कर पाएगा जब प्रत्येक व्यक्ति, वर्ग और क्षेत्र को विकास का पूरा लाभ मिलेगा।" प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2022 ने पीएम आवास योजना, ग्रामीण सड़क योजना और जल जीवन मिशन जैसी विभिन्न योजनाओं के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक स्पष्ट रूपरेखा तैयार की है। बजट 2022 में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए राशि आवंटन के संबंध में प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट में पीएम आवास योजना के लिए 48,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और 80 लाख घरों के निर्माण के लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वेबिनार के दौरान, प्रधानमंत्री ने सस्ते आवास को बढ़ावा देने के लिए नई तकनीकों का उपयोग करके देश भर के छह शहरों में पीएमएवाई (शहरी) के तहत लाइट हाउस परियोजनाओं के निर्माण के बारे में भी बताया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि देश के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अन्य सस्ते आवास की परियोजनाओं के लिए ऐसी निर्माण प्रौद्योगिकियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। वेबिनार में प्रधानमंत्री के संबोधन का पूरा पाठ पढ़ने के लिए, यहां क्लिक करें: https://pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1800489 प्रधानमंत्री के उद्घाटन भाषण के बाद, बजट कार्यान्वयन की रूपरेखा के बारे में कार्य बिंदुओं को निर्धारित करने पर चर्चा करने और विशेषज्ञों के साथ विचार-मंथन करके रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से विभिन्न आरंभिक सत्र आयोजित किए गए। 'सबके लिए आवास' सत्र के लिए, चर्चा का विषय 'अमृत काल में सबके लिए आवास उपलब्ध कराने' का था, जिसके उप-विषय हैं: i. सस्ते आवास के व्यापक कवरेज को सुगम बनाना, ii. सस्ते आवास की उपलब्धता बढ़ाने के लिए अन्य योजनाओं, शहरी योजना और बुनियादी ढांचे से संबंधित रणनीतियों के साथ तालमेल iii. सस्ते आवास के क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ाना आंध्र प्रदेश के विशेष मुख्य सचिव (शहरी विकास और आवासन) श्री अजय जैन ने किसी व्यक्ति के जीवन में घरों के महत्व पर जोर दिया और यह किस प्रकार एक इंसान के लिए आत्मविश्वास और उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने नागरिक और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित योजनाबद्ध, गुणवत्तापूर्ण आवास प्रदान करने के लिए योजनाओं को एक साथ समेकित करने पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने आंध्र प्रदेश में पीएमएवाई (यू) की प्रगति, अपनाए गए सर्वोत्तम तौर-तरीकों और मिशन की सफलता के लिए प्रमुख घटकों के बारे में चर्चा की। श्री जैन ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि बजटीय उपाय एक मजबूत और आत्मविश्वास से परिपूर्ण आत्मनिर्भर भारत का मार्ग प्रशस्त करेंगे। सीआरईडीएआई के श्री हर्षवर्धन पटोदिया ने सस्ते आवास के क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के 'सबके लिए आवास' के सपने को पूरा करने के लिए, सीआरईडीएआई के कई सदस्यों ने देश भर में सस्ते आवास की परियोजनाएं शुरू की हैं। श्री पटोदिया ने कहा, "2015 से, प्रति वर्ष औसतन 2.5 लाख यूनिट की दर से, निजी क्षेत्र ने सस्ते आवास से जुड़े क्षेत्र में 15 लाख से अधिक इकाइयों का निर्माण किया है।" उन्होंने कई समाधानों के बारे में सुझाव दिए, जो लंबे समय में सस्ते आवास के क्षेत्र को थ्रेसहोल्ड सीमा, इनपुट टैक्स क्रेडिट, एमआईजी के लिए सीएलएसएस का विस्तार, किफायती आवास परियोजनाओं के लिए भूमि के लिए वित्तपोषण आदि के संदर्भ में लाभान्वित करेंगे। सीनियर फेलो (सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च) श्री शुभगतो दासगुप्ता ने सस्ते आवास के व्यापक कवरेज को सुविधाजनक बनाने के बारे में अपनी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि आवास को न केवल निर्मित आवासीय इकाइयों की संख्या से, बल्कि रहने योग्य आवास के रूप में समझने की आवश्यकता है। उन्होंने पीएमएवाई (यू) के तहत महत्वपूर्ण उपलब्धियों के बारे में बताया और पर्याप्त, सुलभ एवं सस्ते आवास के व्यापक कवरेज की सुविधा को लेकर पीएमएवाई 2.0 के लिए सुझाव दिए। पीएमएवाई-ग्रामीण की ओर से, राज्य सचिवों और ग्रामीण आवास विशेषज्ञों सहित विभिन्न वक्ताओं और योजना से जुड़े हितधारकों, पीएमएवाईजी के कार्यान्वयन में शामिल लोगों और नागरिक समाज के सदस्यों ने भाग लिया। झारखंड के ग्रामीण विकास सचिव डॉ. मनीष रंजन ने "प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने (झारखंड में पीएमएवाई-जी का प्रभावी कार्यान्वयन)" के बारे में चर्चा की। स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, दिल्ली के विजिटिंग प्रोफेसर और यूएनडीपी के अंतर्राष्ट्रीय सलाहकार डॉ. पी. के. दास ने पीएमएवाईजी के तहत रोजगार सृजन, प्रशिक्षण, डिजाइन, लागत, हरित आवास और पर्यावरणीय संबंधी पहलुओं के बारे में बताया। सीबीआरआई के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. एस.के. नेगी ने उत्तर प्रदेश और असम में डेमो हाउस पर चर्चा की। सत्र के माध्यम से भविष्य के नवाचारों और पीएमएवाई-जी के तहत की जाने वाली पहलों के बारे में सफलतापूर्वक जागरूकता पैदा की गई और व्यापक विषय क्षेत्रों पर चर्चा की गई।
केन्द्रीय इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी, संचार तथा रेलवे मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी और कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर अगली पीढ़ी के डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग की जरूरतों को पूरा करने और स्थानीय उद्योगों की तात्कालिक बाधाओं को दूर करने के लिए कल “एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग से संबंधित राष्ट्रीय रणनीति” को जारी करेंगे। इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय के सचिव श्री अजय साहनी और तेलंगाना सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव श्री जयेश रंजन इस कार्यक्रम में इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों साथ शामिल होंगे।
 
प्रधानमंत्री ने बजट की घोषणाओं के बाद 'लीविंग नो सिटीजन बिहाइंड' वेबिनार को संबोधित किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज केंद्रीय बजट 2022-23 में घोषित पहलों के प्रभावी कार्यान्वयन के तरीकों पर चर्चा करने के लिए ‘लीविंग नो सिटीजन बिहाइंड' विषय पर केंद्रीय बजट 2022 के बाद वेबिनार को संबोधित किया। यह सीरीज का दूसरा वेबिनार है। इस अवसर पर संबंधित केंद्रीय मंत्री, राज्य सरकारों के प्रतिनिधि और अन्य हितधारक उपस्थित थे।
 
प्रधानमंत्री बजट घोषणाओं पर 'कोई भी नागरिक पीछे न छूटे' विषय पर आयोजित वेबिनार को संबोधित करेंगे
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कल केंद्रीय बजट 2022 पर आधारित वेबिनार को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम का विषय 'कोई भी नागरिक पीछे न छूटे' है, जिसका मकसद उद्योग जगत की हस्तियों, नीति निर्माताओं और सरकारी अधिकारियों को साथ लाकर बजट के सकारात्मक प्रभाव पर विचार-विमर्श करना है। इसके साथ ही हर शख्स के उत्थान, जिसमें हर परिवार और गांव शामिल है और कोई भी पीछे न छूटे, के साझा लक्ष्य को आगे बढ़ाने की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के लिए रणनीतियों की पहचान करना है।
 
भारत उच्च शक्ति कंप्यूटिंग में अग्रणी देश के रूप में विकसित हो रहा है
राष्ट्रीय सुपर कंप्यूटिंग मिशन (एनएसएम) के साथ भारत उच्च शक्ति कंप्यूटिंग में एक अग्रणी देश के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है और लाभान्वित हो रहा है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-आईआईटी, भारतीय विज्ञान संस्थान-आईआईएससी, भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान-आईआईएसईआर पुणे, जवाहरलाल नेहरू उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र-जेएनसीएएसआर बेंगलुरू, विभिन्न सी-डैक, राष्ट्रीय कृषि-खाद्य जैव प्रौद्योगिकी संस्थान-एनएबीआई मोहाली जैसे 10 प्रमुख संस्थानों में सुपरकंप्यूटिंग बुनियादी ढांचा पहले से ही स्थापित है और कई अन्य संस्थानों के शोधकर्ता भी इन संस्थानों से लाभ प्राप्त कर रहे हैं। 5 और संस्थानों में अंतिम चरण की स्थापना का कार्य किया जा रहा है।
 
लैवेंडर डोडा ब्रांड उत्पाद के रूप में नामित, डोडा भारत की बैंगनी क्रांति (अरोमा मिशन) का जन्मस्थान है : डॉ. जितेंद्र सिंह
लैवेंडर को डोडा ब्रांड उत्पाद के रूप में नामित किया गया है जबकि किश्तवाड़ की रतले जलविद्युत परियोजना को आठ वर्षों के बाद पुनर्जीवित किया गया है।
 
प्रधानमंत्री ने शिक्षा और कौशल क्षेत्र पर केंद्रीय बजट 2022 के सकारात्मक प्रभाव पर एक वेबिनार को संबोधित किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षा और कौशल क्षेत्रों पर केंद्रीय बजट 2022 के सकारात्मक प्रभाव पर एक वेबिनार को संबोधित किया। इस अवसर पर संबंधित केंद्रीय मंत्री, शिक्षा, कौशल विकास, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान के प्रमुख हितधारक उपस्थित थे।
 
वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने वित्तीय और पूंजी बाजारों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की
केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज मुंबई में वित्तीय और पूंजी बाजारों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। उन्होंने उद्योग जगत के इन लीडर्स से इस क्षेत्र को और मजबूत करने के तरीके तलाशने को कहा।
 
ईपीएफओ पेरोल डाटा: ईपीएफओ ने दिसंबर, 2021 में 14.60 लाख नेट सब्सक्राइबर जोड़े
ईपीएफओ के 20 फरवरी 2022 को जारी अनंतिम पेरॉल डाटा में रेखांकित किया गया है कि ईपीएफओ ने दिसंबर 2021 के दौरान 14.60 लाख नेट सब्सक्राइबर जोड़े हैं। तुलनात्मक अध्ययन से प्रदर्शित होता है कि दिसंबर 2021 में शुद्ध पेरोल वृद्धि में लगभग 2.06 लाख की वृद्धि हुई है, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि के दौरान 12.54 लाख नेट सब्सक्राइबर जोड़े गए थे। दिसंबर 2021 में नवंबर 2021 की तुलना में 19.98 प्रतिशत की शुद्ध ग्राहक वृद्धि हुई है।
 
मंत्री श्री प्रहलाद जोशी और श्री रावसाहेब पाटिल दानवे ने "भारत में सबसे भरोसेमंद सार्वजनिक क्षेत्र" की कंपनी का पुरस्कार पाने पर कोल इंडिया लिमिटेड की सराहना की
केंद्रीय कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री श्री प्रहलाद जोशी ने "भारत में सबसे भरोसेमंद सार्वजनिक क्षेत्र" की कंपनी का पुरस्कार पाने के लिए कोयला मंत्रालय के तहत कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की सराहना की। श्री जोशी ने एक ट्वीट में प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि यह पुरस्कार ऊर्जा क्षेत्र में वैश्विक अगुवा बनने के लिए सीआईएल के प्रयासों को और गति प्रदान करेगा। कोयला, खान और रेल राज्य मंत्री श्री रावसाहेब पाटिल दानवे ने भी प्रतिष्ठित पुरस्कार हासिल करने के लिए सीआईएल की सराहना की।
 
बजट के बाद संगोष्ठी: मजबूत उद्योग-कौशल संबंध को बढ़ावा देना
शिक्षा और कौशल क्षेत्र के लिए बजट 2022 सही रूप में पहुंच बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में सुधार, क्षमता निर्माण और डिजिटल कौशल के लिए उचित प्रणाली को मजबूत करने पर केंद्रित है। इसके अलावा, बजट में घोषित पहलों के प्रभावी कार्यान्वयन के तरीकों पर विचार-मंथन और चर्चा करने के लिए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) और शिक्षा मंत्रालय अन्य मंत्रालयों के साथ मिलकर ‘मजबूत उद्योग-कौशल संबंध को बढ़ावा देने की ओर’ विषय पर स्किल इंडिया वेबिनार सत्र आयोजित कर रहा है। वेबिनार का आयोजन सोमवार, 21 फरवरी, 2022 को दोपहर 12:15 बजे से दोपहर 2:15 बजे तक होगा। वेबिनार में सरकारी अधिकारी, उद्योग विशेषज्ञ और प्रमुख उद्योग संघों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। यह सत्र प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए जा रहे सेमिनारों की एक श्रृंखला का एक हिस्सा है। वह 'डिजिटल यूनिवर्सिटी: मेकिंग वर्ल्ड क्लास हायर एजुकेशन ऐक्सेसबल फॉर ऑल' विषय पर पहले वेबिनार को संबोधित करेंगे।
 
भारत को विश्व का बाजरा केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ)
"खाद्य, कृषि और आजीविका" पखवाड़े के तहत चल रहे एक्सपो 2020 में इंडिया पवेलियन ने शुक्रवार को एक संगोष्ठी --'भारत : बाजरा उत्पादन और मूल्य श्रृंखला' की मेजबानी की। सत्र के दौरान सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और क्षेत्र के विशेषज्ञों ने देश की निर्यात क्षमता को बढ़ाने के लिए बाजरा उत्पादन और प्रसंस्करण करने वाले भारतीय उद्योग के अवसरों पर विचार-विमर्श किया।
 
प्याज के दाम पिछले वर्ष की तुलना में 22.36 प्रतिशत कम: केंद्र सरकार
17.02.2022 को प्याज का अखिल भारतीय औसत खुदरा भाव 35.28 रुपये प्रति किलोग्राम था जो पिछले वर्ष की तुलना में 22.36% कम है। देर से आने वाली खरीफ प्याज की आवक स्थिर है और मार्च 2022 से रबी सत्र के आगमन तक इसके बने रहने की उम्मीद है।
 
सीसीआई ने कुबोटा कॉर्पोरेशन द्वारा एस्कॉर्ट्स लिमिटेड के कुछ अतिरिक्त इक्विटी शेयरों के अधिग्रहण को मंजूरी दी
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 की धारा 31(1) के तहत कुबोटा कॉर्पोरेशन (कुबोटा/अधिग्रहणकर्ता) द्वारा एस्कॉर्ट्स लिमिटेड (एस्कॉर्ट्स/लक्ष्य) के कुछ अतिरिक्त इक्विटी शेयरों के अधिग्रहण को मंजूरी दी है।
 
केंद्रीय बजट 2022-23 में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय पर जोर दिया गया
केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2022-23 में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के लिए 6,407.31 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के बजट आवंटन में 44 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
 
भारतीय इस्पात उद्योग ने आधुनिकीकरण और विस्तार परियोजनाओं में उपलब्ध सर्वोत्तम प्रौद्योगिकियों को अपनाने के साथ अपनी ऊर्जा खपत और कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम किया है
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय इस्पात उद्योग ने आधुनिकीकरण और विस्तार परियोजनाओं में उपलब्ध सर्वोत्तम प्रौद्योगिकियों को व्यापक रूप से अपनाने के साथ अपनी ऊर्जा खपत और कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम कर दिया है। भारतीय इस्पात उद्योग की औसत कार्बन डाइ ऑक्साइड उत्सर्जन 2005 में लगभग 3.1 टन/टन कच्चे स्टील (टी/टीसीएस) से घटकर 2020 तक लगभग 2.6 टी/टीसीएस हो गई है।
 
प्राइम मिनिस्टर्स डेवलपमेंट इनीटिएटिव फॉर नॉर्थ ईस्ट रीजन ‘पीएम-डीईएआईएनई’ नामक नई योजना घोषित; 1500 करोड़ रुपए की धनराशि आवंटित
केन्‍द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केन्‍द्रीय बजट 2022-23 पेश करते हुए प्राइम मिनिस्टर्स डेवलपमेंट इनीटिएटिव फॉर नॉर्थ ईस्ट रीजन ‘पीएम-डीईएआईएनई’ नामक एक नई योजना की घोषणा की।
 
‘स्‍वास्‍थ्‍य और शिक्षा उपकर’ को व्‍यवसाय व्‍यय के रूप में अनुमति नहीं
‘स्‍वास्‍थ्‍य एवं शिक्षा उपकर’ को व्‍यवसाय व्यय के रूप में अनुमति नहीं दी गई है। केन्‍द्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केन्‍द्रीय बजट 2022-23 पेश करते हुए स्‍पष्‍ट किया।
 
चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में 48 अरब डॉलर का विदेशी निवेश भारत की विकास गाथा में वैश्विक समुदाय के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है- श्री राम नाथ कोविंद
राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद ने आज कहा कि चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में 48 अरब डॉलर का विदेशी निवेश भारत की विकास गाथा में वैश्विक समुदाय के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है। वह बजट सत्र के पहले दिन संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित कर रहे थे।